##आपदा_को_अवसर_बनाओ
बिहार की एक लड़की ज्योति, हजारों किलोमीटर दूर से सायकल पर अपने पिता को बिठाये हुए अपने घर पहुँचती है! वह बहादुर है! आत्मनिर्भर है! इसमें कोई शक नहीं है!
पूरी यात्रा के दौरान तंत्र सोया हुआ है! ज्योति की तरह लाखों लोग अलग अलग तरीकों से बचते बचाते अपने घर पहुंचे! बिना किसी मदद के!
यहाँ तंत्र का पेपर बहुत ही खराब चला गया है क्योंकि उसकी तमाम तैयारियों की पोल खुल गयी! भयंकर नेगेटिव मार्किंग हुई!
...और तंत्र को ये बात पता है! अब वह अपने अगले पेपर पर फोकस करता है ताकि नेगेटिव मार्किंग की इस खाई को पाटा जा सके! लेकिन यहाँ भी वह अंडबंड जवाब दे रहा है!
उसने ज्योति को साइकिल गिफ्ट में दे दी! महिमामण्डित कर रहे हैं कि....बेटी बहुत बहादुर है! हजारों किलोमीटर साइकिल चलाकर आयी है! देश का नाम रोशन कर दी है..ब्ला ब्ला!
आप ज्योति को वीरांगना कह लो! प्रतिभावान बता दो!"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का ब्रांड अम्बेसडर घोषित कर दो! साइकिल की बजाय तुम उसके घर पर हेलीकॉप्टर बांध दो....
लेकिन उसके ठीक नीचे एक प्रश्न और है!
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| ज्योति की साइकिल यात्रा आत्मनिर्भर मजबूरी |
बिहार की एक लड़की ज्योति, हजारों किलोमीटर दूर से सायकल पर अपने पिता को बिठाये हुए अपने घर पहुँचती है! वह बहादुर है! आत्मनिर्भर है! इसमें कोई शक नहीं है!
पूरी यात्रा के दौरान तंत्र सोया हुआ है! ज्योति की तरह लाखों लोग अलग अलग तरीकों से बचते बचाते अपने घर पहुंचे! बिना किसी मदद के!
यहाँ तंत्र का पेपर बहुत ही खराब चला गया है क्योंकि उसकी तमाम तैयारियों की पोल खुल गयी! भयंकर नेगेटिव मार्किंग हुई!
...और तंत्र को ये बात पता है! अब वह अपने अगले पेपर पर फोकस करता है ताकि नेगेटिव मार्किंग की इस खाई को पाटा जा सके! लेकिन यहाँ भी वह अंडबंड जवाब दे रहा है!
उसने ज्योति को साइकिल गिफ्ट में दे दी! महिमामण्डित कर रहे हैं कि....बेटी बहुत बहादुर है! हजारों किलोमीटर साइकिल चलाकर आयी है! देश का नाम रोशन कर दी है..ब्ला ब्ला!
आप ज्योति को वीरांगना कह लो! प्रतिभावान बता दो!"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का ब्रांड अम्बेसडर घोषित कर दो! साइकिल की बजाय तुम उसके घर पर हेलीकॉप्टर बांध दो....
लेकिन उसके ठीक नीचे एक प्रश्न और है!
-ज्योति को हजारों किलोमीटर साइकिल क्यों चलानी पड़ी? इसमें तंत्र के योगदान का उल्लेख करें!
