राजस्थान के विभिन्न जिलों में स्थित मेघवाल समाज के छात्रावास


 1. अजमेर
- राजस्थान मेघवाल शिक्षा, शोध संस्थान एवं सेवा ट्रस्ट कायड़, अजमेर
- अखिल राजस्थान मेघवंशी (मेघवाल) महासभा, ब्यावर छात्रावास
- अखिल भारतीय मेघवंशी छात्रावास, काकरदा भूणाबाय, अजमेर
2. अलवर
- बाबा गरीबनाथ छात्रावास, अलवर
- डाॅ. भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण, बानसूर
3. बारां
- बाबा रामदेव जन कल्याण समिति, बारा
- मेघवाल छात्रावास, छीपा बड़ौद
4. बाड़मेर
- मेघवाल समाज महाविद्यालय छात्रावास, बाड़मेर
- मेघवाल समाज छात्रावास बलदेव नगर बाड़मेर
- मेघवाल समाज शैक्षणिक एवं शोध संस्थान, बाड़मेर
- मेघवाल शिक्षा एवं विकास संस्थान, बालोतरा
- मेघवाल समाज संस्थान छात्रावास, बालोतरा
- मेघवाल समाज सेवा समिति छात्रावास, चैहटन
- मेघवाल छात्रावास, रामसर जिला - बाड़मेर
5. भीलवाड़ा
 - श्री बाबा रामदेव मन्दिर मेघवंशी समाज सेवा समिति छात्रावास
6. बीकानेर
- श्री त्रिलोक मेघवंशी छात्रावास, नोरवा
- अम्बेडकर छात्रावास, बीकानेर
7. चितौड़गढ़
- राजस्थान मेघवाल समाज छात्रावास निर्माण समिति, निम्बाहेडा
8. चूरू
- आदर्श छात्रावास, चूरू
- डाॅ. अम्बेडकर भवन व छात्रावास, सुजानगढ़
9. जयपुर
 - राजस्थान बलाई विकास संस्थान, शाहपुरा छात्रावास
- आचार्य स्वामी गरीब साहिब छात्रावास संस्थान, जोबनेद
- बलाई विकास समिति, चैमू छात्रावास
- डाॅ. अम्बेडकर विचार मंच (समिति) कोटपूतली
10. जैसलमेर
- मेघवाल छात्रावास, जैसलमेर
11. जालोर
- मेघवाल समाज द्वारा संचालित छात्रावास, जालोर
- श्री गणेशनाथ शिवनाथ मठ शिवनाथपुरा,साचोंर - मेघवाल समाज छात्रावास समिति, भीनमाल
12. झालावाड़
- मेघवाल समाज जिला विकास समिति झालावाड़, मु. आलरापाटन
13. जोधपुर
- मेघवाल छात्रावास शिक्षण संस्थान, मसूरिया, जोधपुर
- मेघवंशी विकास समिति पीपाड़ शहर
- मेघवाल छात्रावास - पीपाड़ शहर
- मेघवाल समाज छात्रावास परिक्षेत्र, बिलाड़ा
- मेघवाल छात्रावास शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था, ओसियां।
14. कोटा
- मेघवाल समाज छात्रावास, कोटा
- क्षेत्रीय मेघवाल विकास समिति, रामगंज मण्डी।
15. नागौर
- मेघवाल समाज विकास समिति, नागौर
- मेघवाल समाज विकास संस्थान, डीडवाना
- मेघवाल समाज सुधार समिति, परबतसर
- मेघवाल विकास समिति, लाडनू
- मेघवाल समाज विकास समिति, कुचामन सिटी।
- मेघवाल विकास संस्थान,मेड़ता सिटी
16. पाली
- मेघवाल समाज सेवा संस्थान , सोजत सिटी
- मेघवाल समाज छात्रावास खुडाला फालना
- श्री मारवाड़ मेघवाल सेवा संस्थान , मारवाड़ जंक्शन
17. राजसमंद
-  श्री बाबा रामदेव मेवाड़ सालवी समाज सेवा संस्थान राजसमंद
18. सीकर
- श्री कृष्णा छात्रावास सीकर
डॉ भीमराव अंबेडकर मानव कल्याण संस्थान नीम का थाना - छात्रावास
19. सिरोही
- मेघवाल समाज सुधार संघ सिरोही ( मेघवाल छात्रावास )
- मेघवाल समाज नवयुवक संस्थान बड़गांव  ( शिवगंज )
20. श्री गंगानगर
- रमाबाई अंबेडकर बालिका छात्रावास श्रीगंगानगर
21. उदयपुर
- मेघवाल जाति विकास मंडल समिति बंबोरा
- श्री भेरुलाल मेघवाल फाउंडेशन उदयपुर

साभारः @ "मेघवंश समाज उत्थान", शिक्षा विकास में छात्रावासों का योगदान
संकलनकर्ता - श्री डी. आर. जोधावत ( सेवानिवृत्त आईएएस )

भीम एकता मंच नोखडा की वार्षिक बैठक संपन

नोखड़ा / बाड़मेर - भीम एकता मंच नोखडा द्वारा बैठक  का आयोजन राजकीय प्राथमिक विधालय गुरुओं का तला [ नोखडा ] में
किया गया
 जिसमें सामाजिक कुरीतियों में नशा प्रवर्ती,बाल विवाह,म्रत्यु भोज को लेकर समाज मे कुरीतियों
मिटाने को लेकर विचार विमर्श किया गया I
बाबा साहेब मूल मन्त्र शिक्षित बनो ,संगठित रहो ,संघर्ष करो
का समाज हमेशा अनुकरण कर आगे बढे तथा 14 अप्रेल को बाबा साहेब भीमराव अबेडकर जी के जनमोतस्व कार्यक्रम पर चर्चा की गई I इस बैठक में पंचायत समिति सदस्य हरीश परिहार ,रेलवे स्टेशन मास्टर भूपाराम कोडेचा
,चेतन राम(सेवानिवृत व्यख्याता) dr. मिश्रीमल गर्ग ,खेमराज परिहार (नोडल) ,चोला राम (वरिष्ठअध्यापक)
खेराजराम परिहार (सामाजिक कार्यकर्ता) ,डामर सिंह (पंचायत सहायक ) ,ठाकरा राम , पूनमा राम जी ,
प्रहलाद रामजी,पुरखा राम , पुरखाराम परिहार,कोशला राम कोड़ेचा ,कोशला राम k , राणा राम जी
,इजीनियर कैलाश मेंगवशी, वेहना राम , जोगा राम ,जेता राम ,रुखमन ,हंस कुमार,चेना राम कोड़ेचा,
निम्बा राम कोड़ेचा ,भेरसिंह बोद्ध, प्रभु राम अणख़िया,कुनणाराम परिहार ,गेना राम परिहार ,जेसा राम
परिहार ,पूरा राम परिहार ,हिरा राम ,मगराज ,लुम्भा राम गर्ग , सुखराम ,मदन परिहार ,गोविन्द परिहार
,उपसरपंच पति रायचंद जी ,देदा राम कोड़ेचा ,खेमा राम ,पारसमल गर्ग (सामाजिक कार्यकर्ता) ,माँगा राम
,जेता राम ,मोहन लाल ,रामाराम परिहार ,रामाराम P,तोगाराम कोड़ेचा, देराजराम ,लाधाराम परिहार आदि भीम अनुयायी उपस्थित रहे
सभी उपस्थित बुधिजीवियो ने नशा त्याग करने का फैसला लिया

विदेश की धरा पर छा गया भीम पुत्र

खुडाला /फालना - डॉक्टर हिमांशु चौहान सुपुत्र श्री डॉक्टर  श्री किरण जी चौहान अपने सरगरा समाज के साथ दलित समाज का नाम रोशन कर मिसाल पेश की
 डॉक्टर हिमांशु ने मेडिकल कॉलेज केमरान रूस में छात्र संघ के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर मनुवादियों की बोलती बंद कर दी
भीम वार्ता की तरफ से हिमांशु जी को हार्दिक बधाई तथा उज्जवल भविष्य की कामना के साथ जय भीम

मेघ गर्जना meghwal poem

मेघ बरसे मानव हर्षे  , हर्षे ऋषि मुनी ओर देव |
सन्त महात्मा सभी पुकारे , करो मेघ कि सेव ||

आँखें खोलो सुस्ती छोड़ो ,
 ताकत से बिगुल बजा रे |
जागो मेघवंशीयों जागो ,
सोए सिंह जगाओ रे ||
भाग्य हमारा खर्राटों मे अलगाओं कि चादर फेंको ,
अलसाई आँखों को मसलो एक सुनहरा सपना देखो |

  1. मेघ रिखिया मेहर बलाई मेघवाल वही नाम अनेकों |

कोस कोस नाम बदलता नामों पर मत  रोटी सेको ,
राष्ट्र पटल पर एक मंच पर एक नाम से आओ रे ||
हम बेटे हैं मेघ ऋषी के अंचल अंचल लेबल बदलो ,
आजदी को अरसां बीता थोड़ा थोड़ा अब तो संभलो |
लाल किले तक बढें कारवां अगंड़ाई हो इतना दम लो ,
हक हाशिल करना पड़ता है इक हुन्कार लगाओ रे ||
सृष्टि रची तब ब्रह्माजी को ताना बाना दिया वो हम ही थे ,
संत कबीरा रविदास और जोधल रामा पीर हम ही थे |
माया मेघ जीवणा दासी वीरभान सतनामी हम ही थे ,
गोकुल गरीबा घासी संत हमारे कहाँ नम थे ||
ओ तिरंगा बुननें वालों ,
तीन दिशा मत जाओ रे |
जागो मेघवंशीयों जागो ,
सोए सिंह जगाओ रे ||

This poem written by MASTER BHERARAM MEGHWAL

मास्टर भैराराम मेघवाल जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति बाडमेर और पूर्व राजस्थान प्रदेश प्रभारी राजपा दिल्ली तथा पूर्व निर्दलीय लोकसभा उम्मीदवार 2014 बाडमेर जैसलमेर

भीम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय

 बाबासाहेब अम्बेडकर का मूल नाम भीमराव था। उनके पिताश्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में  मेजर सूबेदार के पद पर एक सैनिक अधिकारी थे। अपनी सेवा के अंतिम वर्ष उन्‍होंने और उनकी धर्मपत्नी भीमाबाई ने काली पलटन स्थित जन्मस्थली स्मारक की जगह पर विद्यमान एक बैरेक में गुजारे। सन् 1891 में 14 अप्रैल के दिन जब रामजी सूबेदार अपनी ड्यूटी पर थे, 12 बजे यहीं भीमराव का जन्म हुआ। कबीर पंथी पिता और धर्मर्मपरायण माता की गोद में बालक का आरंभिक काल अनुशासित रहा।
शिक्षा
बालक भीमराव का प्राथमिक शिक्षण दापोली और सतारा में हुआ। बंबई के एलफिन्स्टोन स्कूल से वह 1907 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इस अवसर पर एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया और उसमें भेंट स्वरुप उनके शिक्षक श्री कृष्णाजी अर्जुन केलुस्कर ने स्वलिखित पुस्तक 'बुद्ध चरित्र' उन्हें प्रदान की। बड़ौदा नरेश सयाजी राव गायकवाड की फेलोशिप पाकर भीमराव ने 1912 में मुबई विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास की। संस्कृत पढने पर मनाही होने से वह फारसी लेकर उत्तीर्ण हुये।
अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय
बी.ए. के बाद एम.ए. के अध्ययन हेतु बड़ौदा नरेश सयाजी गायकवाड़ की पुनः फेलोशिप पाकर वह अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में दाखिल हुये। सन 1915 में उन्होंने स्नातकोत्तर उपाधि की परीक्षा पास की। इस हेतु उन्होंने अपना शोध 'प्राचीन भारत का वाणिज्य' लिखा था। उसके बाद 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय अमेरिका से ही उन्होंने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की, उनके पीएच.डी. शोध का विषय था 'ब्रिटिश भारत में प्रातीय वित्त का विकेन्द्रीकरण'।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइस
फेलोशिप समाप्त होने पर उन्हें भारत लौटना था अतः वे ब्रिटेन होते हुये लौट रहे थे। उन्होंने वहां लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइस में एम.एससी. और डी. एस सी. और विधि संस्थान में बार-एट-लॉ की उपाधि हेतु स्वयं को पंजीकृत किया और भारत लौटे। सब से पहले छात्रवृत्ति की शर्त के अनुसार बडौदा नरेश के दरबार में सैनिक अधिकारी तथा वित्तीय सलाहकार का दायित्व स्वीकार किया। पूरे शहर में उनको किराये पर रखने को कोई तैयार नही होने की गंभीर समस्या से वह कुछ समय के बाद ही मुंबई वापस आये।
दलित प्रतिनिधित्व
वहां परेल में डबक चाल और श्रमिक कॉलोनी में रहकर अपनी अधूरी पढाई को पूरी करने हेतु पार्ट टाईम अध्यापकी और वकालत कर अपनी धर्मपत्नी रमाबाई के साथ जीवन निर्वाह किया। सन 1919 में डॉ. अम्बेडकर ने राजनीतिक सुधार हेतु गठित साउथबरो आयोग के समक्ष राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व के पक्ष में साक्ष्य दी।
अशिक्षित और निर्धन लोगों को जागरुक बनाने के लिया काम
उन्‍होंने मूक और अशिक्षित और निर्धन लोगों को जागरुक बनाने के लिये मूकनायक और बहिष्कृत भारत साप्ताहिक पत्रिकायें संपादित कीं और अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने के लिये वह लंदन और जर्मनी जाकर वहां से एम. एस सी., डी. एस सी., और बैरिस्टर की उपाधियाँ प्राप्त की। उनके एम. एस सी. का शोध विषय साम्राज्यीय वित्त के प्राप्तीय विकेन्द्रीकरण का विश्लेषणात्मक अध्ययन और उनके डी.एससी उपाधि का विषय रूपये की समस्या उसका उद्भव और उपाय और भारतीय चलन और बैकिंग का इतिहास था।
डी. लिट्. की मानद उपाधियों से सम्मानित
बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर को कोलंबिया विश्वविद्यालय ने एल.एलडी और उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डी. लिट्. की मानद उपाधियों से सम्मानित किया था। इस प्रकार डॉ. अम्बेडकर वैश्विक युवाओं के लिये प्रेरणा बन गये क्योंकि उनके नाम के साथ बीए, एमए, एमएससी, पीएचडी, बैरिस्टर, डीएससी, डी.लिट्. आदि कुल 26 उपाधियां जुडी है।
योगदान:
भारत रत्न डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने अपने जीवन के 65 वर्षों में देश को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, औद्योगिक, संवैधानिक इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में अनगिनत कार्य करके राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, उनमें से मुख्य निम्‍नलिखित हैं :-
सामाजिक एवं धार्मिक योगदान:
मानवाधिकार जैसे दलितों एवं दलित आदिवासियों के मंदिर प्रवेश, पानी पीने, छुआछूत, जातिपाति, ऊॅच-नीच जैसी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए मनुस्मृति दहन (1927), महाड सत्याग्रह (वर्ष 1928), नासिक सत्याग्रह (वर्ष 1930), येवला की गर्जना (वर्ष 1935) जैसे आंदोलन चलाये।
बेजुबान, शोषित और अशिक्षित लोगों को जगाने के लिए वर्ष 1927 से 1956 के दौरान मूक नायक, बहिष्कृत भारत, समता, जनता और प्रबुद्ध भारत नामक पांच साप्ताहिक एवं पाक्षिक पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया।
कमजोर वर्गों के छात्रों को छात्रावासों, रात्रि स्कूलों, ग्रंथालयों तथा शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से अपने दलित वर्ग शिक्षा समाज (स्था. 1924) के जरिये अध्ययन करने और साथ ही आय अर्जित करने के लिए उनको सक्षम बनाया। सन् 1945 में उन्होंने अपनी पीपुल्‍स एजुकेशन सोसायटी के जरिए मुम्बई में सिद्वार्थ महाविद्यालय तथा औरंगाबाद में मिलिन्द महाविद्यालय की स्थापना की। बौद्धिक, वैज्ञानिक, प्रतिष्ठा, भारतीय संस्कृति वाले बौद्ध धर्म की 14 अक्टूबर 1956 को 5 लाख लोगों के साथ नागपुर में दीक्षा ली तथा भारत में बौद्ध धर्म को पुनर्स्‍थापित कर अपने अंतिम ग्रंथ ''द बुद्धा एण्ड हिज धम्मा'' के द्वारा निरंतर वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया।
जात पांत तोडक मंडल (वर्ष 1937) लाहौर, के अधिवेशन के लिये तैयार अपने अभिभाषण को जातिभेद निर्मूलन नामक उनके ग्रंथ ने भारतीय समाज को धर्मग्रंथों में व्याप्त मिथ्या, अंधविश्वास एवं अंधश्रद्धा से मुक्ति दिलाने का कार्य किया। हिन्दू विधेयक संहिता के जरिए महिलाओं को तलाक, संपत्ति में उत्तराधिकार आदि का प्रावधान कर उसके कार्यान्वयन के लिए वह जीवन पर्यन्त संघर्ष करते रहे।
आर्थिक, वित्तीय और प्रशासनिक योगदान
भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया की स्थापना डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिखित शोध ग्रंथ रूपये की समस्या-उसका उदभव तथा उपाय और भारतीय चलन व बैकिंग का इतिहास, ग्रन्थों और हिल्टन यंग कमीशन के समक्ष उनकी साक्ष्य के आधार पर 1935 से हुई।
उनके दूसरे शोध ग्रंथ 'ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का विकास' के आधार पर देश में वित्त आयोग की स्थापना हुई।
कृषि में सहकारी खेती के द्वारा पैदावार बढाना, सतत विद्युत और जल आपूर्ति करने का उपाय बताया।
औद्योगिक विकास, जलसंचय, सिंचाई, श्रमिक और कृषक की उत्पादकता और आय बढाना, सामूहिक तथा सहकारिता से प्रगत खेती करना, जमीन के राज्य स्वामित्व तथा राष्ट्रीयकरण से सर्वप्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना।
सन 1945 में उन्होंने महानदी का प्रबंधन की बहुउददे्शीय उपयुक्तता को परख कर देश के लिये जलनीति तथा औद्योगिकरण की बहुउद्देशीय आर्थिक नीतियां जैसे नदी एवं नालों को जोड़ना, हीराकुण्ड बांध, दामोदर घाटी बांध, सोन नदी घाटी परियोजना, राष्ट्रीय जलमार्ग, केन्द्रीय जल एवं विद्युत प्राधिकरण बनाने के मार्ग प्रशस्त किये।
सन 1944 में प्रस्तावित केन्द्रिय जल मार्ग तथा सिंचाई आयोग के प्रस्ताव को 4 अप्रैल 1945 को वाइसराय द्वारा अनुमोदित किया गया तथा बड़े बांधोंवाली तकनीकों को भारत में लागू करने हेतु प्रस्तावित किया।
उन्होंने भारत के विकास हेतु मजबूत तकनीकी संगठन का नेटवर्क ढांचा प्रस्तुत किया।
उन्होंने जल प्रबंधन तथा विकास और नैसर्गिक संसाधनों को देश की सेवा में सार्थक रुप से प्रयुक्त करने का मार्ग प्रशस्त किया।
संविधान तथा राष्ट्र निर्माण
उन्‍होंने समता, समानता, बन्धुता एवं मानवता आधारित भारतीय संविधान को 02 वर्ष 11 महीने और 17 दिन के कठिन परिश्रम से तैयार कर 26 नवंबर 1949 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सौंप कर देश के समस्त नागरिकों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और व्यक्ति की गरिमा की जीवन पध्दति से भारतीय संस्कृति को अभिभूत किया।
वर्ष 1951 में महिला सशक्तिकरण का हिन्दू संहिता विधेयक पारित करवाने में प्रयास किया और पारित न होने पर स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। वर्ष 1955 में अपना ग्रंथ भाषाई राज्यों पर विचार प्रकाशित कर आन्ध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र को छोटे-छोटे और प्रबंधन योग्य राज्यों में पुनर्गठित करने का प्रस्ताव दिया था, जो उसके 45 वर्षों बाद कुछ प्रदशों में साकार हुआ।
निर्वाचन आयोग, योजना आयोग, वित्त आयोग, महिला पुरुष के लिये समान नागरिक हिन्दू संहिता, राज्य पुनर्गठन, बडे आकार के राज्यों को छोटे आकार में संगठित करना, राज्य के नीति निर्देशक तत्व, मौलिक अधिकार, मानवाधिकार, काम्पट्रोलर व ऑडीटर जनरल, निर्वाचन आयुक्त तथा राजनीतिक ढांचे को मजबूत बनाने वाली सशक्त, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं विदेश नीति बनाई।
प्रजातंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्य के तीनों अंगों न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका को स्वतंत्र और पृथक बनाया तथा समान नागरिक अधिकार के अनुरूप एक व्यक्ति, एक मत और एक मूल्य के तत्व को प्रस्थापित किया।
विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की सहभागिता संविधान द्वारा सुनिश्चित की तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की विधायिकता जैसे ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, पंचायत राज इत्यादि में सहभागिता का मार्ग प्रशस्त किया।
सहकारी और सामूहिक खेती के साथ-साथ उपलब्ध जमीन का राष्ट्रीयकरण कर भूमि पर राज्य का स्वामित्व स्थापित करने तथा सार्वजनिक प्राथमिक उद्यमों यथा बैकिंग, बीमा आदि उपक्रमों को राज्य नियंत्रण में रखने की पुरजोर सिफारिश की तथा कृषि की छोटी जोतों पर निर्भर बेरोजगार श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने औद्योगीकरण की सिफारिश की।
शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण
वायसराय की कौंसिल में श्रम मंत्री की हैसियत से श्रम कल्याण के लिए श्रमिकों की 12 घण्टे से घटाकर 8 घण्टे कार्य-समय, समान कार्य समान वेतन, प्रसूति अवकाश, संवैतनिक अवकाश, कर्मचारी राज्य बीमा योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा, कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम 1952 बनाना, मजदूरों एवं कमजोर वर्ग के हितों के लिए तथा सीधे सत्ता में भागीदारी के लिए स्वतंत्र मजदूर पार्टी का गठन कर 1937 के मुम्बई प्रेसिडेंसी चुनाव में 17 में से उन्‍होंने 15 सीटें जीतीं।
कर्मचारी राज्य बीमा के तहत स्वास्थ्य, अवकाश, अपंग-सहायता, कार्य करते समय आकस्मिक घटना से हुये नुकसान की भरपाई करने और अन्य अनेक सुरक्षात्मक सुविधाओं को श्रम कल्याण में शामिल किया।
कर्मचारियों को दैनिक भत्ता, अनियमित कर्मचारियों को अवकाश की सुविधा, कर्मचारियों के वेतन श्रेणी की समीक्षा, भविष्य निधि, कोयला खदान तथा माईका खनन में कार्यरत कर्मियों को सुरक्षा संशोधन विधेयक सन 1944 में पारित करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सन 1946 में उन्होंने निवास, जल आपूर्ति, शिक्षा, मनोरंजन, सहकारी प्रबंधन आदि से श्रम कल्याण नीति की नींव डाली तथा भारतीय श्रम सम्मेलन की शुरूआत की जो अभी निरंतर जारी है, जिसमें प्रतिवर्ष मजदूरों के ज्वलंत मुद्दों पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में चर्चा होती है और उसके निराकरण के प्रयास किये जाते है।
श्रम कल्याण निधि के क्रियान्वयन हेतु सलाहकार समिति बनाकर उसे जनवरी 1944 में अंजाम दिया। भारतीय सांख्यिकी अधिनियम पारित कराया ताकि श्रम की दशा, दैनिक मजदूरी, आय के अन्य स्रोत, मुद्रस्‍फीति, ऋण, आवास, रोजगार, जमापूंजी तथा अन्य निधि व श्रम विवाद से संबंधित नियम सम्भव कर दिया।
नवंबर 8, 1943 को उन्होंने 1926 से लंबित भारतीय श्रमिक अधिनियम को सक्रिय बनाकर उसके तहत भारतीय श्रमिक संघ संशोधन विधेयक प्रस्तावित किया और श्रमिक संघ को सख्ती से लागू कर दिया। स्वास्थ्य बीमा योजना, भविष्य निधि अधिनियम, कारखाना संशोधन अधिनियम, श्रमिक विवाद अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और विधिक हडताल के अधिनियमों को श्रमिकों के कल्याणार्थ निर्माण कराया
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भीम आर्मी आबूरोड

भीम आर्मी आबूरोड
गठन -  11 फरवरी 2018
अध्यक्ष- खेमराज परिहार
                 भारजा
उपाध्यक्ष- भुपेन्द्र कुमार 
                 रानीवाड़ा
सचिव- धारूराम बाॅस   
          राऊता (बागोड़ा)
महामंत्री- गजेन्द्र परिहार  
        बिजलिया (बागोड़ा)
प्रभारी- मनीष गहलोत 
कोषाध्यक्ष- नकुल मेहरा
संगठन मंत्री- संग्राम राणा वालोरिया
मीडिया प्रभारी- प्रेम मिरल मेहलू

आबूरोड में हुआ भीम आर्मी का गठन

आबुरोड़ :- तलहटी मे भीम आर्मी का गठन किया गया ।






जिसमें सिरोही भीम आर्मी के जिला प्रभारी राजेंद्र जी की उपस्थिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, महामंत्री, प्रभारी, कोषाध्यक्ष, संगठन मंत्री, मीडिया प्रभारी मनोनीत  किय गये।
अध्यक्ष- खेमराज परिहार
                 भारजा
उपाध्यक्ष- भुपेन्द्र कुमार
                 रानीवाड़ा
सचिव- धारूराम बाॅस 
          राऊता (बागोड़ा)
महामंत्री- गजेन्द्र परिहार
        बिजलिया (बागोड़ा)
प्रभारी- मनीष गहलोत
कोषाध्यक्ष- नकुल मेहरा
संगठन मंत्री- संग्राम राणा वालोरिया
मीडिया प्रभारी- प्रेम मिरल बाड़मेर
      

सोचो अगर आरक्षण नहीं हो तो क्या होगा


  1. भूल जाओ कि भाजपा ऐसा होने देगी मोदी जी की नजर में ठाकुर पंडित ही हिंदू है...... बाकि कुर्मी, राजभर,मौर्या,कोयरी, कार्यालय में कुर्सी लगाने और चटाई बिछाने वाले ही है ।

उदाहरण नीचे देख लो ।
मुख्य मन्त्री
उतर प्रदेश :- ठाकुर
उतराखंड :- ठाकुर
राजस्थान :- ठाकुर
छत्तीसगढ़ :- ठाकुर
मणिपुर :- ठाकुर
महाराष्ट्र :- पंडित
गोवा :- पंडित
कर्नाटक :- पंडित
असम :-पंडित
गुजरात :- बनिया
झारखंड :- तेली
हरियाणा :- खट्टर
कैबिनेट मंत्री सिर्फ :- 2 ओबीसी
पीएमओ कार्यालय में 0 ओबीसी
💐💐💐💐💐💐💐💐💐

*प्रधानमंत्री* :        *बनिया*         
    *गृहमंत्री :*            *राजपूत*
*कृषि मंत्री :*          *राजपूत*
*ग्रामीण विकास:*   *राजपूत*
*रक्षा मंत्री :*           *ब्राह्मण*
*वित्त मंत्री :*          *ब्राह्मण*
*रेल मंत्री :*             *ब्राह्मण*
*विदेश मंत्री :*         *ब्राह्मण*
*शिक्षा मंत्री :*         *ब्राह्मण*
*सड़क परिवहन मं*: *ब्राह्मण*
*स्वास्थ्य मंत्री:*       *ब्राह्मण*
*कैमिकल मंत्री :*     *ब्राह्मण*
*पर्यावरण मंत्री :*     *ब्राह्मण*
*खादी मंत्री :*         *ब्राह्मण*
*कपड़ा मंत्री :*         *ब्राह्मण*
*स्टील मंत्री :*          *जाट*
*क़ानून मंत्री :*         *कायस्थ*
*संचार मंत्री :*         *पिछड़ा*
*खाद्य मंत्री :*          *दलित*

            *निर्भय जयकर*
😄 *सबका साथ,ब्राम्हणो का  विकास* 😄

💐💐💐💐💐💐💐💐
*10 ओबीसी को जरुर शेयर करें*
देखिये  बिना  आरक्षण के ब्राह्मणो का कहर ।

No.1-   राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद  49' है  जिसमे '45 ब्राह्मण "SC'ST-4"   OBC-00 "

No.2-   उप राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद 7' जिसमे 7 ही ब्राह्मण  "SC-00'' ST-00" BC-00 "

No.3-   मंत्रियो के कैबिनेट सचिव कुल पद 20 ' जिसमे 19 ब्राह्मण "SC'ST-1 "OBC-00 "

No.4-   प्रधानमंत्री कार्यालय मे कुल पद 35 जिसमे  33 ब्राह्मण "SC'ST-2   OBC-00 "

No.5-   कृषि  एवं सिचंन विभाग मे कुल पद  274 " जिसमे 259 ब्राह्मण "SC'ST-15" OBC-00"

No.6-   रक्षा मंत्रालय मे कुल पद है  1379 जिसमे 1331 ब्राह्मण"  SC'ST-48 " OBC-00 है "

No.7-   समाज कल्याण  एवं हैल्थ मंत्रालय  कुल पद 209 जिनमे  192 ब्राह्मण "SC'ST-17  OBC-00 है

No.8-   वित्त मंत्रालय मे कुल पद है  1008 " जिसमे 942  ब्राह्मण "SC'ST- 66 " OBC- 00 है

No.9-   ग्रह मंत्रालय मे कुल पद है  409  जिसमें  377  ब्राह्मण " SC'ST-19" OBC-13 है

No.10-   श्रम मंत्रालय मे कुल पद है  74  जिसमे 70 ब्राह्मण  "SC'ST-4"  OBC-00 है

No.11-   रसायन  एवं पेट्रोलियम मंत्रालय मे कुल पद है  121 जिसमे 112 ब्राह्मण " SC'ST-9" OBC-00 है

No.12-   राज्यपाल  एवं उपराज्यपाल  कुल पद है  27 जिसमे  25 ब्राह्मण  SC'ST-00" OBC-2

No.13-   विदेश मे  राजदूत  140 जिसमे 140 ही ब्राह्मण है "SC'ST-00 " OBC-00 है

No.14-   विश्वविद्यालय के कुलपति  पद  108  जिसमे  108 ही ब्राह्मण है " SC'ST-00"  OBC-00 है

D,15-   प्रधान सचिव के पद है  26   जिसमे  26 ही ब्राह्मण है  " SC'ST-00" OBC-00 है

No.16-   हाइकोर्ट के न्यायाधीश  है  330 जिसमे  326-ब्राह्मण " SC'ST-4" OBC-00 है

No.17-   सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश  23  जिसमे  23 ही ब्राह्मण " SC'ST-00"  OBC-00 है

No.18-   IAS  अधिकारी  3600 जिसमे  2950 ब्राह्मण " SC'ST-600 " OBC-50 है

No.19-   PTI  कुल पद  2700   जिसमे  2700 ब्राह्मण " SC'ST-00" OBC-00 है "

No.20-   शंकराचार्य  कुल  05  जिसमे  05  ही ब्राह्मण  है" SC'ST-00  OBC-00 है ।

*इसे कहते है RSS का ब्राह्मणवाद*

वाह रे बाबा साहब कमाल कर दिया

😀वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,✊🏻
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,
कुछ भी नही था "मालामाल"💵 कर दिया,
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,
कल तक "गले में हांड़ी-कमर पर झाडू"थी
आज गले में 😎टाई,जेब में रुमाल कर दिया।
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,
रेंगते फिरते थे 😰सड़को पे न कोई वजूद था
"संविधान"📝 लिखकर धमाल कर दिया
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,
जानवर की तरह जिसने किया शोषण
मारते-2 उस मनुवाद का मुंह 😝लाल कर दिया
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,
वाह रे "बाबा साहेब" कमाल कर दिया,

"जय भीम जय संविधान"
"" वीर हूँ मै भीम का ""
       "" जय भीम मेरा गीत है ""
"" मिट जाऊ भीम पर ""
       "" मुझे भीम से ही प्रीत है ""

"" तोड़ कर जातियों की बेड़िया ""
        "" सोच लो हम भीम के मीत है ""
"" गर यूँ दिल मिल जाए तो "" ।।
       "" जय भीम ही संगीत है ""

"" समता का संविधान यहाँ ""
          "" सम्रद्ध हो सब भीम की ये नीत है ""
"" राहे रोक लो हजार ""
       "" यहाँ अब इंसानियत की ही जीत है ""

"" मिट गये हमको मिटाने वाले ""
       "" यहाँ युद्ध नही अब बुद्ध की ही रीत है ""
"" वीर हूँ मै भीम का ""
        "" जय भीम मेरा गीत है ।।
       "" जय भीम मेरा गीत है ।।
🙏🏻🇪🇺

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989

[07/02, 11:24 PM] Bhim Sena Conodicto: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989

[07/02, 11:25 PM] Bhim Sena Conodicto: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989,(The Scheduled Castes and Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989) को 11 सितम्बर 1989 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया था, जिसे 30 जनवरी 1990 से सारे भारत में लागू किया गया। यह अधिनियम उस प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होता हैं जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का सदस्य नही हैं तथा वह व्यक्ति इस वर्ग के सदस्यों का उत्पीड़न करता हैं। इस अधिनियम मे 5 अध्याय एवं 23 धाराएँ हैं।
[07/02, 11:27 PM] Bhim Sena Conodicto: वर्णित अत्याचार के अपराधों के लियें दोषी व्यक्ति को छः माह से पाँच साल तक की सजा, अर्थदण्ड (फाइन) के साथ प्रावधान हैं। क्रूरतापूर्ण हत्या के अपराध के लिए मृत्युदण्ड की सजा हैं। अधिनियम की धारा 3 (2) के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं हैं और-
[07/02, 11:28 PM] Bhim Sena Conodicto: यदि वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य के खिलाफ झूठा गवाही देता है या गढ़ता हैं जिसका आशय किसी ऐसे अपराध में फँसाना हैं जिसकी सजा मृत्युदंड या आजीवन कारावास जुर्मानें सहित है। और इस झूठें गढ़ें हुयें गवाही के कारण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्य को फाँसी की सजा दी जाती हैं तो ऐसी झूठी गवाही देने वालें मृत्युदंड के भागी होंगें।

यदि वह मिथ्या साक्ष्य के आधार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को किसी ऐसे अपराध के लियें दोष सिद्ध कराता हैं जिसमें सजा सात वर्ष या उससें अधिक है तो वह जुर्माना सहित सात वर्ष की सजा से दण्डनीय होगा।

आग अथवा किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा किसी ऐसे मकान को नष्ट करता हैं जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य द्वारा साधारणतः पूजा के स्थान के रूप में या मानव आवास के स्थान के रूप में या सम्पत्ति की अभिरक्षा के लिए किसी स्थान के रूप में उपयोग किया जाता हैं, वह आजीवन कारावास के साथ जुर्मानें से दण्डनीय होगा।

लोक सेवक होत हुयें इस धारा के अधीन कोई अपराध करेगा, वह एक वर्ष से लेकर इस अपराध के लिए उपबन्धित दण्ड से दण्डनीय होगा। अधिनियम की धारा 4 (कर्तव्यों की उपेक्षा के दंड) के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी/अधिकारी जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं हैं, अगर वह जानबूझ कर इस अधिनियम के पालन करनें में लापरवाही करता हैं तो वह दण्ड का भागी होता। उसे छः माह से एक साल तक की सजा दी जा सकती हैं।
[07/02, 11:28 PM] Bhim Sena Conodicto: धारा-14 (विशेष न्यायालय की व्यवस्था) के अन्तर्गत इस अधिनियम के तहत चल रहे मामले को तेजी से ट्रायल (विचारण) के लियें विशेष न्यायालय की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इससे फैसलें में विलम्ब नहीं होता हैं और पीड़ित को जल्द ही न्याय मिल जाता हैं। धारा-15 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन विशेष न्यायालय में चल रहें मामलें को तेजी से संचालन के लिये एक अनुभवी लोक अभियोजक (सरकारी वकील) नियुक्त करने का प्रावधान हैं। धारा-17 के तहत इस अधिनियम के अधीन मामलें से संबंधित जाँच पड़ताल डी.एस.पी. स्तर का ही कोई अधिकारी करेगा। कार्यवाही करने के लियें पर्याप्त आधार होने पर वह उस क्षेत्र को अत्याचार ग्रस्त घोषित कर सकेगा तथा शांति और सदाचार बनायें रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा तथा निवारक कार्यवाही कर सकेगा। धारा-18 के तहत इस अधिनियम के तहत अपराध करने वालें अभियुक्तों को जमानत नहीं होगी।

धारा-21 (1) में कहा गया हैं कि इस अधिनियम के प्रभावी ढंग ये कार्यान्वयन के लिये राज्य सरकार आवश्यक उपाय करेगी। (2) (क) के अनुसार पीड़ित व्यक्ति के लियें पर्याप्त के लियें सुविधा एवं कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई हैं। (ख) इस अधिनियम के अधीन अपराध के जाँच पड़ताल और ट्रायल (विचारण) के दौरान गवाहों एवं पीड़ित व्यक्ति के यात्रा भत्ता और भरण-पोषण के व्यय की व्यवस्था की गई हैं। (ग) के अन्तर्गत सरकार पीड़ित व्यक्ति के लियें आर्थिक सहायता एवं सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। (घ) के अनुसार ऐसे क्षेत्र का पहचान करना तथा उसके लियें समुचित उपाय करना जहाँ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर अत्यधिक अत्याचार होते हैं। अधिनियम की धारा 21 (3) के अनुसार केन्द्र सरकार राज्य सरकार द्वारा अधिनियम से संबंधित उठायें गयें कदमों एवं कियें गयें उपायों में समन्यव के लियें आवश्यकतानुसार सहायता करेगी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 यह नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 का ही विस्तार हैं। अधिनियम के अधीन दर्ज मामलें को और अधिक प्रभावी बनानें तथा पीड़ित व्यक्ति को त्वरित न्याय एवं मुआवजा दिलाने के लियें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण नियम 1995 पारित किया गया हैं।

धारा 5 (1) (थाना में थाना प्रभारी को सूचना संबंधी)- इसके अनुसार अधिनियम के तहत किये गयें अपराध के लियें प्रत्येंक सूचना थाना प्रभारी को दियें जानें का प्रावधान हैं। यदि सूचना मौखिक रूप से दी जाती हैं तो थाना प्रभारी उसे लिखित में दर्ज करेंगें। लिखित बयान को पढ़कर सुनायेंगें तथा उस पर पीड़ित व्यक्ति का हस्ताक्षर भी लेंगें। थाना प्रभारी मामलें को थाना के रिकार्ड में पंजीकृत कर लेगें। (2) उपनियम के तहत दर्ज एफ.आई. आर. की एक काॅपी पीड़ित को निःशुल्क दिया जायेगा। (3) अगर थाना प्रभारी एफ.आई. आर. लेने से इन्कार करतें हैं तो पीड़ित व्यक्ति इसे रजिस्ट्री द्वारा एस. पी. को भेज सकेगा। एस.पी. स्वंय अथवा डी. एस.पी. द्वारा मामलें की जाँच पड़ताल करा कर थाना प्रभारी को एफ.आई. आर.दर्ज करने का आदेश देंगें।

धारा-6 के अनुसार डी.एस.पी. स्तर का पुलिस अधिकारी अत्याचार के अपराध की घटना की सूचना मिलतें ही घटना स्थल का निरीक्षण करेगा तथा अत्याचार की गंभीरता और सम्पत्ति की क्षति से संबंधित रिर्पोट राज्य सरकार को सौंपेगा।

धारा-7 (1)-के तहत इस अधिनियम के तहत कियें गयें अपराध की जाँच डी.एस.पी. स्तर का पुलिस अधिकारी करेगा। जाँच हेतु डी.एस.पी. की नियुक्ति राज्य सरकार/डी.जी.पी. अथवा एस.पी. करेगा। नियुक्ति के समय पुलिस अधिकारी का अनुभव, योग्यता तथा न्याय के प्रति संवेदनशीलता का ध्यान रखा जायेगा। जाँच अधिकारी (डी.एस.पी.) शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर घटना की जाँच कर तीस दिन के भीतर जाँच रिर्पोट एस.पी.को सौपेगा। इस रिर्पोट को एस.पी.तत्काल राज्य के डी.जी.पी. को अग्रसारित करेगें।

धारा-11 (1) में यह प्रावधान किया गया हैं कि मामलें की जाँच पड़ताल, ट्रायल (विचारण) एवं सुनवाई के समय पीड़ित व्यक्ति उसके गवाहों तथा परिवार के सदस्यों को जाँच स्थल अथवा न्यायालय जाने आने का खर्च दिया जायेगा। (2) जिला मजिस्ट्रेट/ एस.डी.एम. या कार्यपालक दंडाधिकारी अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति और उसके गवाहों के लियें न्यायालय जानें अथवा जाँच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होने के लियें यातायात की व्यवस्था करेगा अथवा इसका लागत खर्च भुगतान करने की व्यवस्था करेगा।

धारा 12 (1) में कहा गया हैं कि जिला मजिस्ट्रेंट और एस.पी. अत्याचार के घटना स्थल की दौरा करेंगें तथा अत्याचार की घटना का पूर्ण ब्यौरा भी तैयार करेंगें। (3) एस.पी. घटना के मुआवजा करनें के बाद पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करेंगें तथा आवश्यकतानुसार उस क्षेत्र में पुलिस बल की नियुक्ति करेंगें। (4) के अनुसार डी.एम./एस.डी.एम. पीड़ित व्यक्ति तथा उसके परिवार के लियें तत्काल राहत राशि उपलब्ध करायेंगें साथ ही उचित मानवोचित सुविधा प्रदान करायेगें।

Copyright.   Vinay kumar barola

बुद्ध का एक ब्राह्मण से संवाद

अंधविश्वास के प्रति tc  parihar का मत
बुद्ध का एक ब्राह्मण से संवाद
ब्राह्मण -- मै जन्म से श्रेष्ठ हूँ

बुध्द --  कैसे  ?

ब्राह्मण -- क्योंकि मै ब्राह्मण हूँ ।

बुद्ध -- ठीक है, अच्छा एक बात बताइए ,.......आपके घर की महिलाए गर्भवती होती है ?

ब्राह्मण -- हां होती है ।

बुद्ध -- वैसे ही होती है जैसे अन्य महिलाए होती ......या फिर ....?

ब्राह्मण -- हां वैसे ही होती है ।

बुद्ध -- आपकी महिलाओ की गर्भावस्था उतने ही समय की होती है जितने समय की अन्य महिलाओ की होती है ?

ब्राह्मण -- हां उतने ही समय की होती है ।

बुद्ध -- बच्चा पैदा अर्थात प्रसूति भी वैसे ही होती है जैसे अन्य महिलाओ के जरिए होती है ?

ब्राह्मण -- हां वैसे ही होती है ।

बुद्ध -- जब गर्भवती होने का तरीका, गर्भावस्था का समय और बच्चा प्रसूति का भी तरीका ....ये सभी प्रक्रियाएं एक ही समान है तो आप ब्राह्मण अपने आप को किस आधार पर कहते है कि हम ब्राह्मण पैदा होते ही अर्थात जन्म से ही श्रेष्ठ है ......?? ?

बुद्ध के इस प्रश्न का उत्तर ब्राह्मण के पास नही था .....

बुद्ध --  मतलब यह है कि मानव अपने कर्म से श्रेष्ठ है अपने कर्म से ही महान है ना कि जन्म से .....
ब्राह्मण का राज उनके ज्ञान पर नहीं तुम्हारे अज्ञान पर टिका है।
ब्राह्मण तुमसे पेड़ पुजवा सकता है,
पत्थर पुजवा सकता है, धरती, आकाश, जल, अग्नि, वायु, देहरी (चौखट), तस्वीर, लोहा, ईंट, पशु, पक्षी या जो कुछ भी उसे दिखाई दिया। उसने तुमसे खुले आम पुजवा दिया।

और ये सब एक अनपढ़ ब्राह्मण ने आपके पढ़े लिखे IAS, IPS, वक़ील, मजिस्ट्रेट, इंजीनियर, डॉक्टर से करवाया है।
 फिर भी आप कैसे कहते हैं के आप ब्राह्मण के ग़ुलाम नही हैं?             ब्राह्मणों की कहानी

जब भूकम्प आने वाला हो तो उनको पता नहीं होता ,

जब हुदहुद तूफान आने वाला हो तो पता नहीं होता

जब ट्रेन पलटने वाली या लड़ने  वाली हो तो पता नहीं होता,

जब नोट बदलने वाला हो तो पता नहीं होता,

जब अपने देश पर हमला होने वाला हो तो पता नहीं होता,

जब देश मे बंम बिस्फोट होने वाला हो तो पता नहीं होता

जब केदार नाथ बाढ़ मे बह जाने वाला हो तो पता नहीं होता,

जब भारत की राजधानी में किसी बस में लड़की का रेप होने वाला हो तो पता नहीं होता ,

जब देश मे आतंकवादी घूम रहे होते तो पता नहीं होता,

जब सीमा के सैनिकों का गला कटने वाला हो तो पता नही होता,

जब चारो धाम जाते समय यात्री बस खाई मे गिरने वाला हो तो पता नहीं होता,

जब कोई प्लेन लुप्त होने वाली हो तो पता नहीं होता,

जब बारिस होने पर बिजली कड़कने वाली हो और किसी के ऊपर बिजली गिरने वाली हो तो इन्हें पता नहीं होता।

इनको केवल वह पता होता जो सम्भव नहीं।

जैसे
किसी पर ग्रह नक्षत्र

-दोष ,पिछले जन्म का पाप,

मरने के बाद स्वर्ग दिलाना,

माता-पिता को मरने के बाद बैठाना,

 बच्चे को सत्तईसा में पड़ना

आदि सभी अन्ध विश्वास
मनगढंत बातें।

जिनको पिछले जन्म की
और स्वर्ग की जानकारी हो; वे ये सब क्यों नहीं जानते ?

इसलिए नहीं जानते क्योंकि ये सब देखे जा सकते हैं,
हक़ीकत जाना जा सकता है।

यह message share karein  और ब्राह्मणों की मनगढ़ंत बातों को सामने लाये ।

यदि यह message आप आगे send करेंगे तो लोगो मे  जागरूकता आएगी ।
 नहीं तो । ब्राह्मण हमे ऐसे ही!
  अपने झूठे मनगढ़ंत बातों से ।
  लूटते रहेंगे ।
 🙏🙏🙏
मतलब सर्वसमाज के लोग जन्म से नही कर्म से श्रेष्ठ होते है ।।

आरक्षण विरोधी से यह बात जरूर पूछे

विचारणीय प्रश्न?
*✅ जो लोग मानते हो की आरक्षण की वजह से ही देश बर्बाद हुआ है, तो फिर यह पोस्ट सिर्फ उनके लिए ही है....जरूर पढ़ें!*
✅✅✅✅✅✅✅✅✅
*"लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार भी तुम्हारा है।*
*तुम झूठ को सच लिख दो अखबार भी तुम्हारा है।*
*तुम जो कहो वो सच, हम जो कहें वो झूठ*
*मुल्क में नफरत का ऐसा तूफान मचा ड़ाला है।"*
*कुछ बुद्धिमान बोलते है कि आरक्षण ने देश को बर्बाद कर दिया"*

*☄(1) अब आप बताइये कि देश आजाद होने के बाद 14 व्यक्ति देश के राष्ट्रपति बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने....*
*☄(2) 15 प्रधानमन्त्री बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने...*
*☄(3) 43 उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश बने कितने आरक्षण वाले बने...*
*☄(4) 19 मुख्य चुनाव आयुक्त बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने...*
*☄(5) देश के जो बड़े घोटाले हुए उनमे कितनेSC/STे घोटालेबाज हैं, बताएं ज़रा...*
*☄(6) आप बताइये भारत देश में कितने SC/STलोग ऐसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के व्यवसायी हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं ?*
*☄(7) अब आप बताइये देश को बर्बाद कौन कर रहा है....अगर सम्भावित ब्लैकमनी वालो की लिस्ट देखें तो कोई आरक्षण वाला नजर नही आता...*
*☄(8) तो फिर देश को बर्बाद कौन कर रहा है..*
*☄(9) जितने लोग बेंको का रूपया हज़्म करके बैठे है या भाग गए उनमे कितने आरक्षण वाले है शायद कोई नही तो फिर देश को बर्बाद कौन कर रहा है....*
*☄(10) बड़े बड़े ठेकेदार जो सरकारी ठेके लेते है रोड बनाते है सरकारी बिल्डिंग्स बनाते है उनमे कितने आरक्षण वाले है तो जवाब मिलेगा 1 या 2 % ।*
*☄(11) तो फिर इस देश को बर्बाद आरक्षण कर रहा है या फिर मेरिट वाले...*
*☄(12) जब ब्लैक मनी लिस्ट में एक भी नाम रिजर्व कैटेगरी के लोगों का नही, सारे नाम जनरल के हैं । फिर भी कुछ बेवकूफ कहते हैं कि देश को रिजर्वेशन वाले बर्बाद कर रहे हैं....सच में इससे बड़ा जोक कोई और हो ही नही सकता !!*
*☄(13) बोफोर्स तोप घोटाला, कॉमन वैल्थ घोटाला, आदर्श सोसायटी घोटाला, सत्यम घोटाला, काला धन घोटाला, स्टाम्प घोटाला, यूरिया घोटाला,  सुखराम टेलिकॉम घोटाला, शेयर घोटाला, चीनी घोटाला....बहुत लंबी सूची है इन घोटालों की, ये सभी घोटाले क्या आरक्षण प्राप्त लोगों ने किये हैं ? बताएँगे इसमें किसका SC/ST का नाम ?*
*☄कब तक बेवकूफ बनाते रहोगे*
*☄और हाँ ! फिर भी हम लोग अपने हुनर और काबलियत से थोडा सा आरक्षण का सहारा पा कर क्या कामयाब होने लगे, आपके पेट में मरोड़े उठने लगे....*
*☄" जिनको अपनी थोथी मेरिट पे घमंड है और आरक्षण से परेशानी है वो अपने बच्चों को 5 साल वहाँ पढ़ाए जहाँ ग़रीब और किसानों के बच्चे अभावों में रहकर पढ़ते हैं,*
*☄फिर देखना सारी मेरिट हवा न हो जाए तो कहना !!!"*
*और यदि कुछ तथाकथित उच्चवर्ग के लोग ये कहते हैं की, वो किसी से भेदभाव नही करते....तो उनसे एक ही सवाल ?*
*☄क्या वो SC/STपरिवार से रोटी - बेटी का रिश्ता करने को तैयार हैं, जातियाँ खत्म करने को तैयार है।। अगर नही...*
*☄तो फिर मान लीजिये अभी आरक्षण ख़त्म नही होना चाहिए...*
     

अनुसूचित जाति जनजाति का हिन्दू धर्म से संबंध

भारत वर्ष में 1931 की जनगणना के पहले की (अस्पृश्य, बहिष्कृत, हिन्दू से बाहर) जातियाँ थी। इन्ही बहिष्कृत जातियों  की "सूची" तैयार की गई।

और उन्ही (अस्पृश्य, बहिष्कृत, हिन्दू से बहार ) जातियों की "सूचि" के 'आधार' पर बाबा साहेब आंबेडकर जी ब्राह्मणों के खिलाफ जाकर अंग्रेजो से लड़कर हमें "मानवीय अधिकार" दिलाने में "सफल" हुए।

तो हमें भी ये अच्छे से जान और समझ लेना चाहिए की अनुसूचित का मतलब उस दौर में (अस्पृश्य, बहिष्कृत, हिन्दू से बाहर), मतलब जो हिन्दू नहीं थी वे जातियां है। हिन्दू धर्म के स्वतंत्र वर्ण व्यवस्था से बाहर पाँचवा अघोषित वर्ण 'अतिशूद्र'।

'अनुसूचित जाति'* हमारी *संवैधानिक* पहचान है।

और आज जो कुछ लाभ हम ले रहे हैं वह सिर्फ और सिर्फ मिलता है अनुसूचित जाति के नाम पर ना कि दलित, चमार, पासी, सोनकर या वाल्मीकि आदि के नाम पर।

"अनुसूचित जाति" नाम का उद्भव के इतिहास की जानकारी होने के बावजूद भी हमारे लोग हिन्दू धर्म को पकडे़ हुए हैं।

हमेशा याद रहे की अनुसूचित का मतलंब सिर्फ और सिर्फ यही है कि "जो लोग हिन्दू धर्म में नहीं है वे लोग अनुसूचित जाति से है।"

उम्मीद है आप समझेंगे...

अब कुछ जातिया अपने आप को अनूसूचित जाति मे होने का दर्जा तो चाहती हैं।
किन्तु हिन्दु धर्म मे भी घुसे रहना चाहती हैं। उनके लिए यह पोस्ट आईना है।

जय भीम ..  जय भारत ...  नमो बुद्धाय..

मनुवादियों का ढोंग

मनुवादियों का ढोंग
 क्या? आप जानते हैं .?
Did you know ?
भारत में जो टेक्नोलॉजी थी वो किसी भी देश में नही थी।
1. भारत ही एक अकेला देश है जहां इंसान की गर्दन में हाथी का सिर जोड़ा गया ।

2. भारत ही एक अकेला देश है जहां मुख ,भुजा, जंघा, पैर से बच्चा पैदा हुआ

3.भारत ही एक अकेला देश है
जहां सूर्य को निगला तो किसी भी देश को पता नही चला।

4.भारत ही एक अकेला देश है जहां चूहे ,पक्षी , और शेर की सवारी होती थी।

5.भारत ही एक अकेला देश है जहां शरीर के मैल से विशेष टेक्नोलॉजी द्वारा बच्चा बनाया गया ।
६.भारत ही एक अकेला देश है जहां पत्थर पानी तैरते थे और गेंद डूब जाती थी।

7.भारत ही एक अकेला देश है जहां भालू और बंदर भी पढ़े लिखे थे ।
     है न अजीब इस बात को पूरे विश्व में फैलाओ। विदेशी लोग अनभिज्ञ हैं ।

डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के बारे में तख्य जो हर मूलनिवासी को पता होना चाहिये



उस देश के राष्ट्पति को जो सात समन्दर पार रहते हुए भी, उस देश के न होते हुए ईमानदारी  से सर्वे कराया

जो कार्य भारतीय सरकार को करना चाहिए था, पर नही किया ।
चाहे *कांग्रेस* की सरकार हो या *बीजेपी*

वह कार्य *अमेरिका* ने कर दिखाया ।

*🗽अमेरिका🗽* के विश्व प्रसिद्ध
*कोलंबिया यूनिवर्सिटी* मेँ मुख्य दरवाजे के अंदर कि ओर जिनका फोटो लगाया गया है।

वो है *— डॉ. भीमराव अंबेडकर जी —*

👇 *Point Note Down* 👇

वहाँ ऐसा लिखा हैं,

हमे गर्व है कि, ऐसा छात्र हमारी यूनिवर्सिटी से पढकर गया है.. और उसने भारत का संविधान लिखकर उस देश पर बड़ा उपकार किया है !

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के 300 साल पूरे होने के उपलक्ष्य मेँ, पूरे 300 सालो मेँ इस यूनिवर्सिटी से सबसे होशियार छात्र कौन रहा ? इसका सर्वे किया गया !

उस सर्वे मे 6 नाम सामने आए
उसमे नं. 👇1⃣👇 पर नाम था*
*— डॉ. भीमराव अंबेडकर जी —*

बाबा साहेब के सम्मान मेँ कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मुख्य दरवाजे पर, उनकी कांस्य प्रतिमा लगायी गयी, उस मूर्ती का अनावरण अमेरिकन राष्ट्रपति बराक ओबामा के करकमलो से किया गया !

👇उस मूर्ती के नीचे लिखा गया है👇
📚 *"सिम्बॉल ऑफ नॉलेज"* 📚
  📖 *यानि ज्ञान का प्रतीक* 📖


*चाय बेचने वाले मोदी*
*Prime Minister बने.....*
सबने सब को बताया

लेकिन कभी किसी ने ये नही बताया...

*Class Room* के बाहर बैठकर पढने वाला
एक दलित बालक
*डा• भीम राव अम्बेडकर*
इस देश का शिल्पकार
*संविधान निर्माता* बना.....

और सबसे बढकर इस ससांर में
*''सिबंल आफॅ नाॅलेज''* बना...

राणासर कला बाड़मेर में धूमधाम से मनाई बाबासाहेब आंबेडकर जयंती

Kar gujar gaye wo bhim the!
Duniya ko jagane wale bhim the!!
Hamne to sirf itihas padha hai yaro !!!
Itihas ko banane wale mere bhim the!!!!
......................................................................................
ये पंक्तियाँ Ramesh BHAI Patliya ने शेयर की है और कहा हैं की  देर से शेयर करने के लिए क्षमा 
तथा कहा हैं की शहरों में तो क्या गांवों में भी भीम जयंती की झलक देखो 
गाँव वाले भी किसी से कम नहीं और किसी के आगे कभी नही झुकेंगें
............................................................................................................

भीमवार्ता की और से रमेश जी भाई साहेब का धन्यवाद 

UDAIPUR BHIM JAYNTI SAMAROH ME YUVAO KA JOSH

Ye vedio or photos kailash prihar bhai saheb ne share ki h


जैसलमेर में अम्बेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब

ये फोटो Anil Megvanshi Megvanshi भाई साहेब नें फेसबुक द्वारा की

बाड़मेर में बाबासाहेब जयंती के पूर्व संध्या पर रक्तदान शिविर आयोजित

बाबा शाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 126 वीं जयंती के उपलक्ष में राजकीय चिकित्सालाय बाड़मेर में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ 
छात्रसंघ अध्यक्ष तोगाराम मेघवाल नें फेसबुक पर समस्त समाज बंदुओं का दिल की गहराई से आभार व्यक्त किया 









जोधपुर उम्मेद स्टेडियम में मनाई बाबा साहेब जयंती

ये फोटोज भाई साहेब Ramlal Saheliya नें शेयर किया हैं 











ये  फोटो Prem Virash जी नें शेयर किया हैं